राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान करने के लिए बंगाल की जनता टीएमसी को कभी माफ नहीं करेगी | #शॉर्ट्स PM Modi Fan Club www.pmmodifanclub.com



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए, पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ किए गए व्यवहार पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि टीएमसी ने राष्ट्रपति का बहिष्कार किया और उनकी यात्रा के दौरान उनके लिए व्यवस्था तक नहीं की। यह सिर्फ राष्ट्रपति का नहीं बल्कि देश के संविधान का अपमान है और लोग टीएमसी को इसकी सजा देंगे।’ #पीएममोदी #नरेंद्रमोदी #वेस्टबंगाल #टीएमसीन्यूज पीएम नरेंद्र मोदी के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए अभी क्लिक करें https://goo.gl/8qsb5E और अपडेट रहें🔔 पीएम नरेंद्र मोदी के व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करने के लिए अभी क्लिक करें https://www.whatsapp.com/channel/0029Va8IaebCMY0C8oOkQT1F पीएम नरेंद्र मोदी के अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म: ► डाउनलोड करें एनएम ऐप: http://nm4.in/dnldapp ► हमें फेसबुक पर लाइक करें: https://facebook.com/narendramodi ► हमें ट्विटर पर फॉलो करें: https://twitter.com/narendermodi ► हमें इंस्टाग्राम पर फॉलो करें: http://instagram.com/narendermodi

source

PM Modi Fan Club www.pmmodifanclub.com

32 thoughts on “राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान करने के लिए बंगाल की जनता टीएमसी को कभी माफ नहीं करेगी | #शॉर्ट्स PM Modi Fan Club www.pmmodifanclub.com”

  1. चिंता ना करें मोदी जी अगली बार कोलकाता में भी बीजेपी के सरकार बनेगी और जरूर बनके रहेगी यह मेरा दिल करता है

    Reply
  2. एक विचारधारा जो खुद को 'संस्कारों का रक्षक' कहती है, उसका असली चेहरा तब सामने आता है जब वह महिलाओं के खिलाफ होने वाले सबसे जघन्य अपराधों पर या तो चुप्पी साध लेती है या अपराधियों के पक्ष में खड़ी हो जाती है।

    1. बिल्किस बानो केस: 'संस्कारी' हत्यारों का सार्वजनिक सम्मान
    यह भारतीय न्यायपालिका और मानवता के इतिहास में सबसे काला दिन था जब गुजरात सरकार ने सामूहिक बलात्कार और हत्या के 11 दोषियों को रिहा कर दिया।

    बेशर्मी की पराकाष्ठा: जब ये अपराधी जेल से बाहर आए, तो सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें मिठाई खिलाई और उनके पैर छुए।

    तर्क क्या था? एक विधायक ने उन्हें 'ब्राह्मण' और 'अच्छे संस्कारों वाला' बताया। क्या बलात्कार और हत्या अब संस्कारों की श्रेणी में आते हैं?

    2. कठुआ कांड: तिरंगे की आड़ में बलात्कारियों का समर्थन
    जम्मू के कठुआ में एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया, लेकिन स्थानीय सत्ताधारी नेताओं ने क्या किया?

    अपराधियों के समर्थन में रैलियाँ निकाली गईं।

    उन रैलियों में राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) का इस्तेमाल किया गया, जो राष्ट्र का सबसे बड़ा अपमान था।

    सत्ता के मंत्रियों ने उन रैलियों में हिस्सा लेकर यह संदेश दिया कि उनकी प्राथमिकता 'न्याय' नहीं, बल्कि 'वोट बैंक' और 'अपराधी' हैं।

    3. हाथरस और उन्नाव: जब सिस्टम ही अपराधी बन गया
    हाथरस: आधी रात को पुलिस ने बिना परिवार की सहमति के बेटी के शव को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। यह सबूतों को मिटाने और एक परिवार की गरिमा को कुचलने की कोशिश थी।

    उन्नाव: एक विधायक (कुलदीप सेंगर) को बचाने के लिए पूरे तंत्र ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। जब तक पीड़िता का परिवार तबाह नहीं हो गया, सत्ता के कानों पर जूँ तक नहीं रेंगी।

    "अहंकारी नेतृत्व और अनपढ़ डंकपति मानसिकता की सबसे बड़ी पहचान यही है कि वे उस महिला को बर्दाश्त नहीं कर सकते जो अपने हक के लिए सिर उठाकर खड़ी हो। वे विद्रोही महिला को कुचलने के लिए अपराधियों को अपना हथियार बनाते हैं।"

    विचारधारा का खोखलापन: 'अपराधी बचाओ' संस्कृति
    इस राजनीति की फिलॉसफी यह है कि महिलाओं को 'देवी' मानकर पूजने का ढोंग करो, लेकिन जब वे न्याय मांगें, तो उन्हें 'देशद्रोही' या 'चरित्रहीन' करार दे दो।

    उना की घटना: दलितों पर अत्याचार हो या हाथरस की बेटी—यह सत्ता हमेशा 'शक्तिशाली' और 'दबंग' वर्गों के साथ खड़ी दिखाई देती है।

    बृजभूषण शरण सिंह का मामला: देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला पहलवान सड़कों पर रोती रहीं, लेकिन सत्ता ने अपने 'बाहुबली' को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस का दुरुपयोग किया।

    निष्कर्ष: क्या यही है हमारा नया भारत?
    यह कूटनीति नहीं, यह बेशर्मी का प्रदर्शन है। जब अपराधियों का सार्वजनिक सभाओं में सम्मान होता है, तो समाज को संदेश जाता है कि "अगर तुम सत्ता के करीबी हो, तो बलात्कार और हत्या जैसे अपराध भी माफ हैं।"

    इस डंकपति संस्कृति ने देश के लोकतंत्र को खोखला कर दिया है। यहाँ महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि रक्षक ही भक्षकों के साथ हाथ मिलाकर खड़े हैं।

    Reply
  3. भाजपा ने यूजीसी कानून के जरिए जिस प्रकार सामान्य जातियों के लोगों को आतंकवादी साबित करने का प्रयास किया है, इस बार सामान्य जातियों के हिन्दू भाजपा से हिसाब चुकता करेंगे।
    इन्हें औकात याद हम दिलाएंगे। 2027 में यपी और उत्तराखंड के चुनाव में पता चल जाएगा इन्हें कि सवर्ण हिन्दू कौन हैं।
    सवर्णों की आबादी उत्तराखंड में तकरीबन 50-60% है और उत्तरप्रदेश में लगभग 20-25%।

    अगर भाजपा के कुल वोट प्रति शत में 5% का भी अंतर आ गया तो सत्ता का धराशायी होना तय है।
    जय हिंद। 🙏

    Reply
  4. TMC = TOTAL MAMTA CORRUPTION !

    FAILED MISERABLY!!! Yeh Toh Honahi Thaa !
    (All TMC Party Members must be punished for happily strongly supporting corruption, rape, murders; hospital-rackets, burning homes & bringing Bangladeshi's Infiltrated slums all over Bharat ! )

    Modiji Hai Toh Vishwaas Hai
    Modiji Hai Toh Pragati Hai
    Modiji Hai Toh Barkhat Hai
    Modiji Hai Toh Sab Mumkin Hai

    🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏🙏

    Reply

Leave a Comment